Sunday, April 12, 2009

मुद्दाहीन राजनीती

शायद बीजेपी और कांग्रेस के पास लोकसभा इलेक्शन में कोई मुद्दा नहीं है, अन्यथा वो बुढिया और गुडिया जैसी बातें नहीं करते। नरेन्द्र मोदी की भाषा बीजेपी की भाषा है इसीलिए तो वो बुडिया शब्द का उपयोग कर रहे है। हमारे समाज में वृद्ध तो कहा जाता है बुडिया नहीं। बीजेपी के नेता सामाजिक बोलचाल भी भूल गए। शायद इसीलिए तो गाली गलोज पर उतर आए हैं। हारने का भय ऐसा ही होता है।
बीजेपी और कांग्रेस में वृद्ध नेताओं की भरमार है, मनमोहन सिंह से लेकर आडवानी तक जवान तो कोई नहीं, फिर मोदी को ख्याल क्यों नहीं आया। इन दोनों दलों में विरासत की राजनीती करने वालों का बोलवाला है। अगर कहीं युवाओं के लिए राजनीती में स्पेस है तो वो लेफ्ट पार्टियों में है.

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